I2U2 शिखर सम्मलेन : PM मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन मिलेंगे, जानिए क्या होगा टॉप एजेंडा

नई दिल्ली.  I2U2 ग्रुप की पहली समिट में 14 जुलाई को भारत, इजरायल, अमेरिका और यूएई के नेता वर्चुअली आमने-सामने होंगे. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, यूएई के राष्ट्रपति जायद अल नाहयान, इजरायली प्रधानमंत्री येर लापिद बैठक करेंगे.


नई दिल्ली. I2U2 ग्रुप की पहली समिट में 14 जुलाई को भारत, इजरायल, अमेरिका और यूएई के नेता वर्चुअली आमने-सामने होंगे. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, यूएई के राष्ट्रपति जायद अल नाहयान, इजरायली प्रधानमंत्री येर लापिद बैठक करेंगे. हालांकि इससे पहले I2U2 ग्रुप के नेताओं की एक बैठक अक्टूबर 2021 में भी हो चुकी है. तब उसमें भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हुए थे. अब पहली बार सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष मुलाकात कर रहे हैं.

पश्चिम एशिया का क्वाड

I2U2 शिखर सम्मेलन को पश्चिम एशिया का क्वाड कहा जा रहा है. इस समूह में 'आई 2' इंडिया और इजरायल के लिए, वहीं 'यू 2' यूएस और यूएई के लिए है. अब रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस बैठक के टॉप एजेंडे में साझा निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण जैसे मुद्दे हो सकते हैं. I2U2 फ्रेमवर्क के तहत व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए ज्वाइंट इन्वेस्टमेंट पर चर्चा की जा सकती है. यह ज्वाइंट इन्वेस्टमेंट साझा हितों वाले इलाकों में किए जा सकते हैं और इसे दुनिया के सामने इकोनॉमिक पार्टनरशिप की मिसाल के रूप में पेश किया जा सकता है.

सभी देशों को फायदा पहुंचाएगा ज्वाइंट इन्वेस्टमेंट

ये प्रोजेक्ट न सिर्फ चारों देशों के आर्थिक सहयोग का प्रतीक होंगे बल्कि सभी देशों के उद्योगपतियों के लिए साझा अवसर भी पैदा करेंगे. इन प्रोजेक्ट्स के जरिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. कोविड-19 जैसी विकराल महामारी से उबरने के बाद इस वक्त दुनिया के सभी देशों के लिए रोजगार के अवसर टॉप प्राथमिकता में हैं. इस समूह का लक्ष्य 6 निर्धारित क्षेत्रों में निवेश का है. इनमें पानी, ऊर्जा, ट्रांसपोर्टेशन, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

डरा हुआ है चीन!

यह भी कहा जा रहा है कि क्वाड के बाद इस नए समूह को लेकर चीन में असुरक्षा की भावना है और वो इससे घबराया हुआ है. इस समूह के अंतर्गत समुद्री सुरक्षा के मसलों पर भी बातचीत हो सकती है. साथ ही, भारत, इजरायल, यूएई और अमेरिका काफी करीब आएंगे.

भारत को इस समूह से क्या है फायदा

दरअसल भारत को UAE और अन्य अरब राज्यों के साथ अपने संबंधों को जोखिम में डाले बिना इजरायल के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए अब्राहम समझौते का लाभ मिलेगा. यही नहीं भारत एक विशाल उपभोक्ता बाजार भी है. साथ ही यह उच्च तकनीक और अत्यधिक मांग वाले सामानों का भी एक बड़ा उत्पादक भी है. ऐसे में I2U2 समूह से भारत को बड़ा फायदा होगा.

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