अब 90 कृषि यंत्रों पर किसानों को मिलेगा 40 से 80 फीसदी तक अनुदान, जानें पूरी जानकारी

किशनगंज जिले में सरकार किसानों को खेती करने के लिए 90 कृषि यंत्रों पर अच्छी सब्सिडी दे रही है...


देश के किसानों की खुशहाली के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार कई बेहतरीन योजनाएं चलाती रहती है, ताकि वह अपनी खेती से लाभ कमा सकें. इसी क्रम में बिहार राज्य के किशनगंज जिले में राज्य सरकार ने कृषि उपकरणों के लिए एक बेहतरीन सब्सिडी योजना चलाई है.

सरकार की इस योजना के तहत अब जिले के किसानों को 90 कृषि मशीन खरीदने के लिए अनुदान दिया जाएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले यह अनुदान राशि सिर्फ 10 यंत्रों पर दिया जाता था.

कितनी मिलेगी अनुदान की राशि (How much will be the amount of grant)

बता दें कि जिले के किसान भाइयों की मदद के लिए सरकार ने कृषि यंत्रों के लिए 1 करोड़ 48 लाख रुपए तक अनुदान राशि जारी की है. जबकि पिछले साल ये राशि 21 लाख रुपए तक थी. सरकार ने कहा कि जिले में विभिन्न कृषि यंत्रों को खरीदने के लिए अनुदान की राशि 40 से लेकर 80 प्रतिशत तक होगी.

3 श्रेणी में बाटे गए यंत्र
(3 categories of instruments)

सरकार ने कृषि यंत्रों(Agricultural machinery) को तीन श्रेणियों में बांटा है, जिसमें फसल अवशेष प्रबंधन के तहत कम से कम 30 संयंत्रों को शामिल किया गया है और साथ ही कटाई व बागवानी के लिए इस्तेमाल होने वाले 10 मशीनों को व पंप सेट के साथ अन्य कई कैटेगरी के लिए 50 यंत्रों को शामिल किया गया है.

किस मशीन पर मिलेगी सबसे अधिक राशि (Which machine will get the maximum amount)

कटाई व बागवानी खेत में इस्तेमाल होने वाले कृषि यंत्रों के लिए सरकार की तरफ से किसानों को कम से कम 40 लाख रुपए तक अनुदान की राशि दी जाएगी. जिले में बागवानी की खेती में मुख्य चाय पत्ती व अनानास की खेती है. इस खेती में उपयुक्त होने वाले कृषि यंत्रों का इस्तेमाल करके किसान आधुनिक (Modern Farmer) बनता जा रहा है, इसलिए सरकार भी इन बागवानी खेती को बढ़ावा देने के लिए इनके यंत्रों पर अधिक अनुदान की राशि उपलब्ध करवा रही है.

अनुदान राशि के नियमों में किए परिवर्तन (Changes made in the rules of grant amount)

इस बार किसानों को मिलने वाली कृषि यंत्रों पर अनुदान राशि के नियमों में भी बदलाव किए हैं, ताकि किसानों को इसका सीधा फायदा हो सके. अब कृषि यंत्रों की राशि सीधे निर्माता कंपनी के पास जाएगी. जिससे बिचौलिया व कालाबाजारी से किसान बच सकेंगे.

ये ही नहीं अब सत्यापित चयनित किसानों को अनुदान व निर्धारित राशि के यंत्र खरीद के समय डीलर की राशि से कटौती कर भुगतान किया जाएगा. साथ ही किसान भाइयों को अपना ब्यौरा व अन्य जरूरी कागजात के साथ खरीदने गए कृषि यंत्रों की पूरी जानकारी देनी होगी.

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