हरियाणा वालों को गंदे पानी से मिलेगी राहत, मनोहर सरकार ला रही गजब की योजना देखे

हरियाणा सीएम ने आज सचिवालय में जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड की 55वीं बैठक संबोधित की. इस दौरान सीएम ने कहा कि जगह-जगह टेस्टिंग स्पॉट बनाने की आवश्यकता है ताकि लोग पानी और खाद्य सामग्री की जांच करवा सकें.


चंडीगढ़: सीएम मनोहर लाल ने कहा कि आम जनता को एक छत के नीचे पानी और फूड टेस्टिंग की सुविधा मिलनी चाहिए ताकि वह अपने घरों में आने वाले पानी और खाद्य पदार्थों की जांच करवा सके. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य एक गंभीर विषय है. इसलिए इस संबंध में कोई योजना करें. आज जगह-जगह टेस्टिंग स्पॉट बनाने की आवश्यकता है ताकि लोग इसका फायदा उठा सकें. समय-समय पर पानी और खाद्य सामग्री की जांच करवा सकें. सीएम बुधवार को हरियाणा सचिवालय में जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड की 55वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे.

मुख्यमंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि जहां-जहां जल आपूर्ति के लिए लाइनें बिछाई जा रही हैं, वहां-वहां गलियों की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए. आम लोगों को इस विषय पर किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए. विभाग जिस भी एजेंसी से यह काम करवाए, उससे काम शुरू होने से लेकर पूरा होने तक की तस्वीरें लें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वहां पानी की लाइनें बिछाने के बाद गलियों की व्यवस्था ठीक कर दी गई है.

एसटीपी के पानी का इस्तेमाल सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पानी की एक भी बूंद भी बर्बाद नहीं होनी चाहिए. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से निकलने वाले पानी को दोबारा इस्तेमाल किया जाए. जहां-जहां एसटीपी लगे हुए हैं, उससे निकलने वाले पानी का नजदीक से नजदीक क्या इस्तेमाल किया जाए, इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए. सीएम ने इस काम को पूरा करने की जिम्मेदारी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को सौंपी है.

नेचुरल ड्रेन आउट का सिस्टम करें तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन खेतों में जल भराव की समस्या है. वहां पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग नैचुरल ड्रेन आउट का सिस्टम तैयार करे. विभाग ऐसी जगहों का नक्शा तैयार करे, जहां-जहां जल भराव की समस्या है. जिन जगहों पर आसपास कोई नहर नहीं है. वहां नेचुरल ड्रेन आउट का सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए.

इंटरप्रेन्योर बनने के लिए करें प्रोत्साहित
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवरमैन या सफाई का काम करने वाले कर्मचारियों को ही इंटरप्रेन्योर बनने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वे सफाई से जुड़ी मशीनों में निवेश कर खुद सफाई कार्य करें. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सफाई कर्मचारियों को इस कार्य में आगे बढ़ाने के लिए योजना तैयार करे. उन्हें लोन लेने और प्रशिक्षण दिलवाने में भी मदद करें.

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, एसीएस पीके दास, देवेंद्र सिंह, टीवीएसएन प्रसाद, महावीर सिंह, डॉ. सुमिता मिश्रा, जी. अनुपमा, अपूर्व कुमार सिंह, प्रधान सचिव अरूण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी, मुख्यमंत्री की अतिरिक्त प्रधान सचिव-2 आशिमा बराड़, हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण की चेयरपर्सन केशनी आनंद अरोड़ा, सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन कृष्ण कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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